प्रधानाचार्य का संदेश

 

 

 प्रधानाचार्य का संदेश 

केंद्रीय विद्यालय तालबेहट से जुड़ना मेरे सोभाग्य का विषय है | इस विद्यालय के विद्यार्थियों  के लिए हम मन में कुछ ऐसे भाव को लेकर काम कर रहे हैं की समाज का हर व्यक्ति अहंकार मुक्त जीवन जिये और ये तभी संभव है जब मनुष्य शिक्षित हो | उसकी शिक्षा भी कैसी, संस्कारयुक्त शिक्षा और उसका बीजारोपण बाल्यावस्था से ही संभव है | कोमल मन में उच्च विचारों का बीजारोपण करने के भाव को लेकर अनवरत बालक और अभिभावक का बौद्धिक विकास हो “यह मेरा है वह तेरा है” के भाव से मुक्त व्यक्ति उन्नति की ऊंचाई पर पहुँचता है “जो सदा झुकता है वह सदा उठता है” जिसके मन में बड़ों के प्रति आदर, श्रद्धा और अपनों से छोटों के प्रति अनंत प्रेम रखकर हम अपना कार्य सहज भाव से करते हैं | विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी  प्रग्रति के पथ पर अग्रसर हों, उनके लिए सतत प्रयासरत रहते हैं हमारी सजगता, सक्रियता अभिभावक को सक्रिय और सजग बनाती है | अभिभावक की सजगता बालक के प्रगति पथ को प्रशस्त करता है और बच्चों की प्रगति, समाज की प्रगति, राष्ट्र की प्रगति है यही हमारी सौ प्रतिशत प्रगति है यही हमारे जीवन का ध्येय है यही हमारा लक्ष्य है |

जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है
वह नर नहीं है पशु निरा और मृतक सामान है |”

मैं सभी के प्रति आत्मीय स्नेह भाव से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष कृतज्ञता व्यक्त करते हैं अपनों का स्नेह और आशीर्वाद हमारे कार्य की सफलता है |

एस.डी. सिंह

 प्राचार्य